डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार पैन कार्ड के जरिये नगदी के जमा, हस्तांतरण, निकासी और भुगतान की सीमा में कटौती करने की तैयारी में है। आगामी बजट में बैंक में जमा, होटल बिल के भुगतान और शेयरों की खरीद करने समेत अन्य में 30 हजार रुपये से अधिक नगदी के इस्तेमाल पर पैनकार्ड देना अनिवार्य किया जा सकता है। मौजूदा समय इन सुविधाओं में 50 हजार रुपये से ऊपर मुद्रा के प्रयोग पर पैनकार्ड देना होता है। केंद्र सरकार ने 500 और हजार रुपये के नोट बंद करने के बाद नगदी निकासी पर पाबंदी लगाई और फिर नगदी रहित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में जुट गई। सूत्रों की माने तो इस क्रम में सरकार अब फरवरी में पेश होने वाले बजट में यह घोषणा कर सकती है कि 30 हजार रुपये से ज्यादा की खरीद, हस्तांतरण, जमा या लेनदेन पर पैनकार्ड देना जरूरी होगा। ताकि ज्यादा से ज्यादा लेनदेन औपचारिक अर्थव्यवस्था के तहत आ सकें और आयकर विभाग आसानी से तय राशि से ज्यादा के लेनदेन की निगरानी कर सके। सूत्र बताते हैं कि सरकार के इस कदम का मकसद नगदी के जरिये होने वाली खरीद-फरोख्त और लेनदेन में टैक्स की चोरी रोकना है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि इस कदम को उठाए जाने के बाद बड़े लेनदेन करने वाले डिजिटल ट्रांजैक्शन करेंगे, क्योंकि नगदी के इस्तेमाल पर उन्हें पैनकार्ड देने की जहमत उठानी पड़ेगी।
Digital Desk: Kamal
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