(DELHI, DELHI)
मंगलवार को सुप्रिम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की पैरोल 17 मार्च तक बढ़ाते हुए सहारा समूह को निर्देश दिया है कि वह अपने प्रमुख सुब्रत रॉय को जेल से बाहर रखने के लिये सेबी-सहारा खाते में सात अप्रैल तक 5092.6 करोड रुपए जमा कराये। सुप्रिम कोर्ट के अनुसार यह धनराशि सहारा के निवेशकों को लौटाई जायेगी। सहारा ग्रुप पर लगभग 3 करोड़ छोटे निवेशकों का बकाया है, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को साल 2014 जेल भेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप से उसकी प्रॉपर्टी की लिस्ट मांगी थी, ताकि उन्हें नीलाम करके निवेशको के पैसे लौटाये जा सके। सहारा ग्रुप से अभी 14799 करोड़ रुपए की रिकवरी करना बाकी है। यह रिकवरी सहारा ग्रुप की दो कंपनियों SIRECL (सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड) और SHICL (सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) से की जानी है।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, रंजन गोगोई और ए के सिकरी की तीन सदस्यीय टीम ने सहारा समूह को अपनी संपत्तियां बेचने के लिये छह महीने का वक्त दिया है, पीठ ने कहा यदि सहारा समूह 7 अप्रैल तक 5092.6 करोड रूपए की राशि जमा कराता है तो न्यायालय दूसरी संपत्तियों को बेचने के लिये समय आगे बढा सकता है।
Digital Desk: Firoz Khan
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