लेकिन जैसी ही आधार से लिंक करा दिया जाएगा या ग्राहक सारी जानकारी दे देता है तो खाते से लेन-देन शुरू कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि यह नियम उन खातों पर लागू होता है जो एफएटीसीए के नियमों के दायरे में आते हैं।
आपको बता दें कि जुलाई 2015 में भारत और अमेरिका के बीच एफएटीसीए पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच वित्तीय जानकारी साझा की जाएंगी ताकि टैक्स चोरी पकड़ी जा सके। इसी समझौते के तहत आयकर विभाग ने सभी बैंकों से अपने ग्राहकों की जानकारी देने के लिए कहा है ताकि 1 जुलाई 2014 से 31 अगस्त 2015 की बीत खोले गए खातों को इस नियम के दायरे में लाया जा सके।
Digital Desk: Firoz Khan
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