बजट के बाद वित्त वर्ष को बदलने पर विचार कर रही सरकार
(DELHI, DELHI) आम बजट और रेल बजट को एक साथ कर उसे फरवरी के आखिरी हफ्ते से पहले हफ्ते में करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक और सुधार करना चाहता हैं। पीएम मोदी वित्त वर्ष को अप्रैल से मार्च की बजाए जनवरी से दिसंबर करना चाहते हैं।शंकर आचार्य की अगुवाई में बनी एक कमिटी वित्त वर्ष बदलने को लेकर पहले ही अपनी रिपोर्ट सरकार को दे चुकी है। भारत में अभी अप्रैल से मार्च का वित्त वर्ष होता है जबकि दुनिया भर में जनवरी से दिसंबर के वित्त वर्ष को फॉलो किया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा शासित राज्यों को समयबद्ध व तेजी के काम करने को कहा है ताकि जनता के बीच विश्वास को मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों व उप मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में गरीब कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन पर खासा जोर दिया है।

प्रधानमंत्री के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी बैठक को संबोधित किया। बैठक में इस बार पांच नए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के त्रिविंद्र सिंह रावत, मणिपुर के बीरेन सिंह, गोवा के मनोहर पर्रिकर और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा भी शामिल हुए। केंद्रीय नेतृत्व में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, महासचिव संगठन रामलाल भी मौजूद थे।

Digital Desk: Firoz Khan

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