केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि माल्या को जनवरी 2018 तक भारत प्रत्यापित करके लाएंगे। सरकार के जवाब पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अवमानना के मामले में माल्या की गैरहाजिरी पर उनको सजा नहीं सुनाई जा सकती है। असल में सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट के आदेश के बावजूद संपत्ति का पूरा खुलासा न करने पर विजय माल्या को अवमानना का दोषी माना। मई में सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को अवमानना के मामले में दोषी ठहराया था।
अदालत ने माल्या को 10 जुलाई तक कोर्ट के समक्ष पेश होने के लिए कहा था लेकिन इस आदेश का पालन न करने पर उन्हें अवमानना का दोषी करार दिया था। जस्टिस ए के गोयल और यूयू ललित की पीठ ने शुक्रवार को इस मामले में अपना फैसला देना था लेकिन माल्या अदालत के समक्ष पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने इस मामले की सुनवाई टाल दी।
Digital Desk: Firoz Khan
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