सभी बैंक और वित्तीय कंपनियां देश के मनी लॉन्ड्रिंग और एंटी टेरर फंडिंग के उपायों के तहत ऐसे किसी भी प्रकार के लेन-देन की खबर इस यूनिट को देती हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है, 'वित्त वर्ष 2015-16 में एफआईयू को ऐसी रिपोर्ट मिलने, उसके प्रोसेस और वितरण में खासी वद्धि हुई।' उसके अनुसार नकद लेन-देन रिपोर्ट की संख्या 2014-15 के 80 लाख से बढ़कर 2015-16 में 1.6 लाख हो गया, जबकि संदिग्ध लेन रिपोर्ट 58,646 से बढ़कर 1,05,973 हो गयी।
केंद्रीय एजेंसी ने धनशोधन रोकथाम अधिनयम की विभिन्न धाराओं के तहत नियमों का उल्लंन करने वाले निकायों को रिकार्ड 21 पाबंदियां भी जारी की। इस एजेंसी पर भारतीय बैंकिंग एवं अन्य वित्तीय चैनलों में संदिग्ध लेन—देनों का विश्लेषण का जिम्मा है।
Digital Desk: Firoz Khan
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