मौद्रिक नीति समिति ने निजी निवेश में नई जान फूंकने बुनियादी ढांचा क्षेत्र की बाधाओं को दूर करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना पर विशेष जोर देने की जरूरत पर बल दिया। आरबीआई की ओर से कहा गया है कि हम कंपनियों के फंसे बड़े कर्ज के समाधान तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नई पूंजी डालने के लिये सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी के 6 में से 4 सदस्य रेट कट के पक्ष में थे। कमिटी के सदस्य प्रो. रविंद्र ढोलकिया ने तो आधे प्रतिशत की कटौती की सिफारिश की थी। हालांकि यह समिति में सर्वमान्य नहीं हुई। इस लिहाज से उम्मीद की जा सकती है कि दो महीने बाद होनेवाली अगली मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक में भी चौथाई प्रतिशत की कटौती का फैसला लिया जाएगा। इधर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने माना कि जीएसटी को पूरे देश में बड़ी सहजता से लागू कर लिया गया। उन्होंने कहा 'अच्छे मॉनसून और जीएसटी के सहजता से लागू हो जाने की वजह से कमिटी को नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का फैसला लेने में आसानी हुई।'
Digital Desk: Firoz Khan
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