GST: ई-वे बिल को मंजूरी, माल कहां-कितना ले जा रहे हैं बताना होगा जरूरी
(DELHI, DELHI) वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल ने जीएसटी के तहत ई-वे बिल को अनिवार्य करने की मंजूरी दे दी है। अब 1 फरवरी 2018 से एक राज्य से दूसरे राज्य में सामान की ढुलाई के लिए पहले जीएसटी पोर्टल पर इसकी जानकारी ऑनलाइन भरनी होगी। जबकि राज्य के भीतर सामान की ढुलाई के लिए यह 1 जून से अनिवार्य होगा। हालांकि कुछ राज्य दोनो को 1 फरवरी से लागू करने की तैयारी में है।
यह सामान की ढुलाई की एक इलेक्ट्रॉनिक रसीद है जिसे जीएसटी के पोर्टल पर भरा जाना है। सामान ढुलाई की हर गतिविधि पर इसके जरिये नजर रहेगी। ई-वे बिल के तहत राज्य या राज्य से बाहर 50,000 रुपये से अधिक के सामान की ढुलाई के लिए सरकार को पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए बताना होगा। इसके तहत ई-वे बिल जनरेट करना होगा।
ई-वे बिल के दो भाग हैं। पहले हिस्से में जीएसटीआईएन की रसीद डिलीवरी का स्थान पिन कोड रसीद नंबर और तारीख सामान्य का मूल्य,एचएसएन कोड रेल-हवाई या सड़क परिवहन से जुड़ा ट्रांसपोर्ट का दस्तावेज नंबर और ढुलाई की वजह की जानकारी देनी है। दूसरे हिस्से में वाहन के नंबर उससे जुड़ी जानकारी देनी है।

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