राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा है कि देश में विश्व स्तरीय रेल सेवाएं मुहैया कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियाजना का जिक्र किया है। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि परंपरागत के बजाए अब रेलवे आधुनिकीकरण की पटरी पर चलेगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल का पूरा ध्यान ट्रेन सेट 18 और 20 पर है। ट्रेन सेट 18 सेमी हाई स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।
वर्तमान में पटरियों पर दौड़ रही शताब्दी को हटाकर ट्रेन सेट 18 को लाया जाएगा। जबकि ट्रेन सेट 20 प्रीमियम ट्रेन राजधानी को हटाकर चलाई जाएगी। इनकी रफ्तार 160 से 200 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। उक्त ट्रेनें विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंगी। इनका किराया राजधानी-शताब्दी से 20 से 25 फीसदी अधिक हो सकता है।
बजट में चार हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की घोषणा हो सकती है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली-कोलकाता दिल्ली-मुंबई मुंबई-चेन्नई चेन्नई-कोलकाता के बीच हाई स्पीड कॉरिडोर पर भविष्य में तेज रफ्तार ट्रेन सेट 18 और 20 को चलाने की योजना है। रेलवे सर्वोच्च प्राथमिकता पर प्रमुख रेल मार्गो का 100 फीसदी विद्युतीकरण और विश्वस्तरीय नया सिग्लन सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आर्थिक समीक्षा 2017-18 संसद में पेश करते हुए कहा कि माल ढुलाई में भारतीय रेलवे की हिस्सेदारी घट रही है। इसका बड़ा कारण अप्रतिस्पर्धी भाड़े की दरें हैं।
आर्थिक समीक्षा के अनुसार माल ढुलाई को अधिक आकर्षक बनाने व माल ढुलाई में रेलवे के हिस्से गिरावट को थामने के लिए कई पहल की गईं हैं। इसमें माल भाड़े की दरें को युक्तिसंगत बनाने पर जोर है। स्टेशन से स्टेशन दरों के लिए नए नीतिगत निर्देश शामिल किए गए हैं।
चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 (सितंबर 2017 तक) के दौरान रेलवे ने 55.81 करोड़ टन माल ढुलाई की जबकि पिछले साल इस दौरान 53.123 करोड़ टन माल ढुलाई हुई थी। इस प्रकार माल ढुलाई में 5.06 फीसदी की बढ़ोत्तरी रही।
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