आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने समिति की बैठक के बाद बताया कि रेपो दर के अनुरूप रिवर्स रेपो दर भी 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर छह प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फसिलिटी दर तथा बैंक दर बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत कर दिये गये हैं। हालांकि समिति ने अपना रुख निरपेक्ष बनाये रखने की घोषणा की है। छह सदस्यीय समिति ने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का फैसला सर्वसम्मति से किया। इससे पहले आखिरी बार जनवरी 2014 में रेपो दर बढ़ाई गयी थी जब इसे 7.75 प्रतिशत से आठ प्रतिशत किया गया था।
रिजर्व बैंक ने 2018-19 के लिये जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 7.4 प्रतिशत पर बरकरार रखा। आरबीआई ने 2018-19 की पहली छमाही के लिये खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित कर 4.8-4.9 प्रतिशत तथा दूसरी छमाही के लिये 4.7 प्रतिशत किया। आरबीआई के गवर्नर ने कहा कि 2018-19 के लिये सामान्य मानसून की भविष्यवाणी कृषि क्षेत्र के लिये शुभ संकेत है।
Digital Desk: Firoz Khan
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