गौरतलब है कि माल्या ने हालही में बयान जारी करके दावा किया था कि माल्या ने कनार्टक उच्च न्यायालय से उसे (माल्या) व उसकी स्वामित्व वाली कंपनी यूबीएचएल को न्यायिक देखरेख में उनकी संपत्तियों को बेचने देने व सरकारी बैंकों सहित लेनदारों का भुगतान करने की अनुमति मांगी है। माल्या ने एक पत्र में कहा था 'यूबीएचएल (यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग लिमिटेड) और मैंने 22 जून को कनार्टक उच्च न्यायालय के समक्ष एक आवेदन दायर किया है, जिसमें करीब 13,9०० करोड़ रुपये की उपलब्ध संपत्ति बेचने की अनुमति देने का जिक्र है।' ईडी अधिकारी ने इस माल्या के इस दावे को भी खारिज किया है, अधिकारी ने कहा कि हमें माल्या और उनकी कंपनी यूबीएचएल द्वारा कर्नाटक हाईकोर्ट में पेश किसी भी एफिडेविट की कॉपी नहीं मिली है।
Digital Desk: Firoz Khan
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