नॉर्म्स के मुताबिक, जिस खाते में दो साल में एक बार भी ट्रांजेक्शन हुआ है, उसे ऐक्टिव माना जाता है। लगभग 76 प्रतिशत खाते ऐक्टिव हैं। इनमें कई खातों का इस्तेमाल डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) के लिए होता है। जबकि ओवरड्राफ्ट सुविधा सिर्फ उन्हीं खातों को दी जाती है, जिनमें नियमित तौर पर क्रेडिट होता है। ओवरड्राफ्ट के लिए अधिकतम सीमा 5000 से 10000 कर दी गई है, जबकि समय सीमा 60 साल से 65 साल की गई है।
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