आर्थिक विकास दर की गति कम हो रही है और वित्तवर्ष 2016 के 8.2 फीसदी के मुकाबले वित्तवर्ष 2019 में विकास दर 6.8 फीसदी रह गई है। रंगराजन ने गुरुवार (21 नवंबर) को यहां कहा, ''आज हमारी अर्थव्यवस्था 2,700 अरब डॉलर है और हम पांच साल में इसे दोगुना कर 5,000 अरब डॉलर करने की बात कर रहे हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए नौ फीसदी सलाना की दर से विकास की जरूरत है। ऐसे में 2025 तक 5,000 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनने का सवाल ही नहीं है।"
आईबीएस-आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रंगराजन ने कहा, ''आप दो साल गंवा चुके हैं। इस साल यह विकास दर छह फीसदी से नीचे रहने वाली है जबकि अगले साल यह करीब सात फीसदी होगी। इसके बाद अर्थव्यवस्था गति पकड़ सकती है।"
उन्होंने कहा कि अगर देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5,000 अरब डॉलर हो गया तो देश में प्रति व्यक्ति आय मौजूदा 1,800 डॉलर से बढ़कर 3,600 डॉलर हो जाएगी। इसके बावजूद देश निम्न मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में ही रहेगा। रंगराजन ने कहा, ''विकसित देश की परिभाषा ऐसे देश से है जिसकी प्रति व्यक्ति आय 12,000 डॉलर सालाना हो। अगर हम नौ फीसदी की दर से विकास करे तब भी इसे हासिल करने में 22 साल लगेंगे।"
Digital Desk: Firoz Khan
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।