माता पिता के लिए बच्चों में मूड के बदलाव को समझना मुश्किल है। वह अक्सर इस तरह के हालात में अपने बच्चों को ही डांटते हैं। इससे बच्चा अपने मन की बात और भावनाओं को कह नहीं पाता। इससे वह बेचैनी और तनाव का शिकार हो जाता है। जब माधव व्हाइट हैट जूनियर प्लेटफॉर्म पर कोडिंग सीख रहे थे तो उन्होंने अपनी बहन को हायर स्टडीज के कारण तनाव से गुजरते देखा था। माधव ने सोचा कि अपने ज्ञान का उपयोग एक ऐसा ऐप बनाने में करना चाहिए, जिससे वह अपनी बहन की मदद कर सके और दूसरे बच्चे भी तनाव या बेचैनी के हालात में प्रोफेशनल की सलाह लेकर खुद को ऐसे तनाव से मुक्त रख सकें
एक बार लॉग इन करने पर इस ऐप पर तनाव दूर करने की एक्सरसाइज, क्विज और हौसला बढ़ाने और प्रेरणा देने वाले संदेश मिलते हैं, जिससे बच्चों को तनाव से निजात पाने में मदद मिलती है। इस ऐप में प्रोफेशनल मनोवैज्ञानिकों की भी जानकारी दी गई है। इसके अलावा इसमें महत्वपूर्ण हेल्पलाइऩ नंबर भी दिए गए हैं, जिनका जरूरत पड़ने पर बच्चे और उनके माता-पिता, दोनों, उपयोग कर सकते हैं।
व्हाइट हैट जूनियर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी करण बजाज ने कहा कि आज के समय में बच्चे सामाजिक मुद्दों या समस्याओं पर काफी जागरूक हैं। वह इन परेशानियों का हल निकालने में अपने ढंग से योगदान देना चाहते हैं। बच्चों को कोडिंग सिखाने से न केवल उनमें तार्किक सोच विकसित होती है,बल्कि इससे उनमें किसी समस्या और परेशानी को हल करने का कौशल भी आता है। इससे बच्चों में तर्कपूर्ण और किसी तथ्य का विश्लेषण करने की क्षमता में सुधार आता है। इससे उनमें रचनात्मकता और एकाग्रता भी बढ़ती है।
Digital Desk: Firoz Khan
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