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जरीफ यहां अमेरिका के शीर्ष थिंक टैंक ‘काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन’ द्वारा आयोजित समारोह में शिरकत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘यह बहुत ही खतरनाक बनकर उभरा है और हम सभी को इससे कैसे निपटा जाए, इस पर जागरूक होने की आवश्यकता है। इसके समूल नाश के लिए केवल हवाई बमबारी काफी नहीं होगी क्योंकि हमें इस नई हकीकत का नए उपायों के साथ सामना करना होगा।’ जरीफ ने कहा कि ईरान इस संकट की घड़ी में अपने मित्रों को सहयोग करने से कभी नहीं हिचकेगा। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि हमें इस संकट से निपटना होगा। यह किसी एक समुदाय के लिए खतरा नहीं है और न ही किसी एक क्षेत्र विशेष के लिए खतरा है।’ उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल सीरिया तक सीमित नहीं है और न ही यह केवल इराक तक ही सीमित है।’ उन्होंने कहा, ‘‘इराक और सीरिया में हजारों विदेशी लड़ाके हैं और ये सभी दुनिया के हर कोने से आए हैं।’ शीर्ष ईरानी राजनयिक ने कहा कि इसलिए जिन लोगों पर इनका आधिपत्य है और जिन पर इनका शासन है, उनके प्रति इनके हृदय में दया की बहुत कम ही भावना है। ईरान के विदेश मंत्री हालांकि आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिका नीत अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के आलोचक रहे हैं । उनके मुताबिक जिन लोगों ने आईएसआईएस को सहयोग दिया और उसके निर्माण तथा पनपने का कारण बने, आज वह उन्हीं लोगों के लिए खतरा बन गया है। जरीफ ने कहा कि आईएसआईएस से निपटने में ईरान की भूमिका महत्वपूर्ण है।
Author: JAN TV Editorial Team
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