दिल की बीमारी में मददगार जैतून का तेल
(India) इस विषय पर हुए एक अध्ययन के वरिष्ठ लेखक, अमेरिका के शिकागो स्थित युनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस के ई.डगलस लेवांडोस्की ने बताया कि यह अध्ययन का एक और सबूत देता है कि ओलीट जैसे स्वस्थ वसा का सेवन, बीमारी शुरू होने बाद भी दिल के लिए सकारात्मक रूप से प्रभावी है। अस्वस्थ दिल, ईधन के लिए प्रयोग होने वाली वसा को अच्छी तरह से इकट्ठा या क्रियान्वित नहीं कर पाते। दिल के प्राथमिक ईधन स्त्रोत वसा का उपयोग न कर पाने के क कारण दिल की मांसपेशियों को ऊर्जा की कमी से जूझना पड़ता है। दिल में चयापचय न हो पाने वाली वसा विषाक्त उप-उत्पादों में बदल जाती है, जिससे दिल बीमार होता है। अध्ययन में पाया गया है कि वसा चयापचय को संतुलित रखने और विषाक्त उत्पादों को कम करने के अलावा ओलीट एंजाइमों के लिए कुछ जीन पुन: सक्रिय करता है। लेवांडोस्की ने बताया कि इस सामान्य वसा के सेवन से लाभदायक जीन बहाल हो सकते हैं। यह परिणाम काफी रोमांचक है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन किया कि चूहों के अस्वस्थ दिल ओलीट की आपूर्ति पर कैसी प्रतिक्रिया करते हैं। शोधकर्ताओं ने ओलीट वसा का सेवन करने वाले चूहों के दिलों में त्वरित सुधार देखा।

Author: JAN TV Editorial Team

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