अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने अमेरिका के नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रीशन एक्सामिनेशन सर्वे (एनएचएएनईएस) से आंकड़े जुटाए, उन्होंने 20 साल की आयु वर्ग के 27,793 प्रतिभागियों को 24 घंटे की अवधि में कॉफी पीने को दी, टीम ने यकृत स्वास्थ्य की जांच के लिए एमीनोट्रांसफरेस(एएलटी), एमिनोट्रांसफरेस (एएसटी), अल्कलाइन फॉस्फेट (एएलपी) और गामा ग्लुटामिल ट्रांसमिनेज (जीजीटी) सहित यकृत की क्रिया प्रणाली के कई स्थानों के रक्त स्तर मापे, अध्ययन में पाया गया कि जिन प्रतिभागियों ने दिन में तीन कप या उससे ज्यादा कप कॉफी पी, उनमें एएलटी, एएसटी, एएलपी और जीजीटी का स्तर, कॉफी नहीं पीने वालों की अपेक्षा कम था, शोधकर्ताओं ने कैफीनरहित कॉफी पीने वालों में भी यकृत के इन एंजाइमों का स्तर कम पाया, जियाओ ने बताया, "हमारे परिणाम के अनुसार कैफीनसहित और कैफीनरहित कॉफी पीने से यकृत के एंजाइम स्तर कम होते हैं, ये आंकड़े दर्शाते हैं कि संभवत: कॉफी में कैफीन के अलावा मौजूद घटक यकृत के लिए स्वास्थ्यवर्धक हैं, इन घटकों की पहचान के लिए और अध्ययन करने की जरूरत है." यह अध्ययन 'हिपैटोलॉजी' जर्नल में प्रकाशित हुआ.
Author: JAN TV Editorial Team
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