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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग ली ने यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘हमें ब्योरे को सत्यापित करने की जरूरत अभी भी है। चीन और भारत के बीच सीमा विवाद औपनिवेशिक अतीत की देन है। हमें इस मुद्दे से उचित रूप से निपटने की जरूरत है।’ वह गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजु के उस बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे थे जिसके तहत उन्होंने कहा था कि तवांग के मागो थिंगबु से अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के विजयनगर तक अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ एक सड़क नेटवर्क का निर्माण किए जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। होंग ने कहा, ‘चीन-भारत सीमा के पूर्वी हिस्से के बारे में विवाद है। आखिरी समझौता होने से पहले हमें उम्मीद है कि भारत ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जो हालात को और पेचीदा बनाए। हमें सीमावर्ती इलाके की शांति एवं स्थिरता की संयुक्त रूप से हिफाजत करनी चाहिए और सीमा विवाद के आखिरी समाधान के लिए अनुकूल स्थिति पैदा करनी चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
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