(India)
अध्ययन में पता चला है कि स्ट्रॉबेरी और बेकिंग सोडा के मिलावट से बने पदार्थ को दांतों पर मलने से दांतों पर जमी हल्की-फुल्की गंदगी भले ही दूर हो जाए, पर यह दांतों को गहराई से साफ नहीं करता। अमेरिकी आयोवा विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर और अध्ययनकर्ता सो रैन क्वोन ने कहा कि स्ट्रॉबेरी और बेकिंग सोडा से बने पदार्थ का एकमात्र फायदा यह है कि यह दांतों पर जमे प्लेक को हटाता है। क्वोन ने कहा कि वास्तव में आप चाहते हैं कि पदार्थ आपके दांतों की गंदगी की गहराई में जाए और गंदगी को आण्विक स्तर पर दूर करे। अगर ऎसा नहीं होता है, तो यह सिर्फ ऊपरी सफाई है। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के मुताबिक स्ट्रॉबेरी के कारगर नहीं होने का मुख्य कारण रासायनिक है। इसमें हाइड्रोजन पराक्साइड और कार्बामाइड पराक्साइड नहीं होता, जो दांतों में सफेदी की चमक लाने के लिए जरूरी है। इसी तरह कुछ दूसरे पदार्थ सेब और नींबू में भी ये रसायन नहीं होते हैं। क्वोन ने हालांकि इन दो फलों पर अध्ययन नहीं किया है। उन्होंने स्ट्रॉबेरी और बेकिंग सोडा से बने पदार्थ और बाजार में मिलने वाले सफेदी का वादा करने वाले विशेष पदार्थो की तुलना की। उन्होंने पाया कि सफेदी का वादा करने वाले टूथ पेस्ट से दांतों की सफाई करने से दांत अधिक सफेद चमकते हैं, जबकि स्ट्रॉबेरी और बेकिंग सोडा से बने पदार्थ का उतना फायदा नहीं होता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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