क्या करें कि पहले बच्चे पर न पड़े नए मेहमान के आने का असर
(India) अब अहाना उस तीन साल की बेटी को कैसे बताती कि इसकी वजह प्रेग्नेंसी है। घर में नए मेहमान की आने की खुशी सभी को होती है, लेकिन घर में ही एक सदस्य ऐसा होता है जिसके लिए खुशी स्ट्रेस बन जाती है। इसके लिए कुछ बातों का ख्याल रखना ज़रूरी है, ताकि घर के पहले बच्चे को अकेलापन महूसूस न हो।
1- बच्चे को प्रेग्नेंसी के बारे में बताना
घर के पहले बच्चे को यह बात समझाना सबसे मुश्किल काम है। बच्चे को आराम से बैठकर समझाएं कि आपके पेट में एक छोटा-सा बच्चा है जो आप सभी के साथ घर में हमेशा रहेगा।
2- रिश्ता नया बनाएं
होने वाले बच्चे को हमेशा भाई या बहन कहकर ही अपने बच्चे से उसकी बात करें। रुपाली शाह कहती हैं कि वह अपनी छह साल की बेटी के साथ डॉक्टर के पास चेकअप के लिए गई। डॉक्टर के स्टेथोस्कोप से बच्चे की धड़कन यह बोलकर सुनाई कि यह उसकी छोटी बहन या भाई है। उस दिन के बाद उनकी बेटी में बहुत बदलाव आया।
3- ज़िम्मेदारी का अहसास
अपने पहले बच्चे को अहसास दिलाएं कि आने वाले बच्चे की ज़िम्मेदारी उसी पर है। उसे एक बड़ी बहन या भाई का रोल अदा करना पड़ेगा। नए मेहमान के आने पर उसके लिए कई काम करने पड़ेंगे। मसलन घर के छोटे-छोटे काम जो बच्चे कर सकते हैं, वह उन्हें समझा दिए जाएं, जैसे अपने बर्तन खुद उठाना, अपना खाना खुद खाना आदि।

Author: JAN TV Editorial Team

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