भारत एकबार फिर संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों पर बनी संस्था में सदस्य के रूप में चुन लिया गया है। भारत को इसके लिए एशिया-प्रशांत समूह में सबसे ज्यादा वोट मिले हैं। 193 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बुधवार को यूएन इकोनॉमिक एंड सोशल काउंसिल के लिए 18 सदस्यों को निर्वाचित किया। इन सदस्यों का तीन वर्षीय कार्यकाल एक जनवरी 2015 से शुरू होगा। इस सदस्यता के लिए भारत की स्पर्धा एशिया-प्रशांत समूह में थी, जिसमें कुल तीन सीटों के लिए चुनाव हुआ। इस परिषद में भारत का पिछला कार्यकाल इस साल समाप्त होने वाला था लेकिन 183 वोट हासिल करके दोबारा चुन लिया गया। एशिया प्रशांत समूह में सबसे ज्यादा वोट भारत को ही मिले हैं। इसके बाद जापान और पाकिस्तान के हिस्से में 181-181 वोट आए। इस चुनाव में किसी देश को एक सीट जीतने के लिए दो तिहाई वोटों के साथ बहुमत हासिल करना जरूरी है। इस जीत से एक ही सप्ताह पहले भारत को 47 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में 2015-17 की अवधि के लिए दोबारा चुन लिया गया था। मानवाधिकार परिषद में भारत का मौजूदा कार्यकाल 31 दिसंबर 2014 को समाप्त होना था। तब भारत ने एशिया-प्रशांत समूह में स्पर्धा की थी। इस समूह में चार सीटों के लिए मतदान हुआ था और भारत के हिस्से में इस समूह के सबसे ज्यादा यानी 162 वोट आए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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