(International)
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा युद्ध अफगानिस्तान से अमेरिका और नाटो के बलों की वापसी के साथ अपने सही नतीजे तक पहुंच रहा है लेकिन अफगानिस्तान अब भी खतरनाक जगह बना हुआ है,, अफगानिस्तान में 13 साल तक चला नाटो का संघर्ष कल काबुल में झंडा नीचे करने के समारोह के साथ औपचारिक तौर पर समाप्त हो गया और सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका नीत जवानों से अफगान सुरक्षा बलों पर आ गयी। अमेरिका में 9-11 के हमले के बाद तालिबान को सत्ता से उखाड़ फेंकने के मकसद से 13 साल पहले अमेरिकी बल काबुल पहुंचे थे और अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ जंग में करीब 2200 अमेरिकी जवान अपनी जान गंवा चुके हैं। ओबामा ने कल एक बयान में कहा, अब हमारे जवानों और वर्दी पहनी महिलाओं के असाधारण बलिदान के लिए शुक्रिया। अफगानिस्तान में हमारा मिशन खत्म हो रहा है और अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा युद्ध सही नतीजे पर पहुंच रहा है। ओबामा ने कहा कि इन 13 साल में अमेरिकी जवानों ने अल-कायदा नेतृत्व की जड़ों पर चोट की, ओसामा बिन-लादेन के खिलाफ कार्रवाई की, आतंकवादी साजिशों को बाधित किया और अनगिनत अमेरिकियों की जान बचाई। अफगानिस्तान में काम करने वाले जवानों और खुफिया कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा, हम सुरक्षित हैं और उनकी सेवा की वजह से हमारा देश ज्यादा सुरक्षित है। एक जनवरी से अफगानिस्तान में अमेरिका नीत अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) मिशन की जगह नाटो का प्रशिक्षण और समर्थन मिशन ले लेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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