पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ सरकार को निर्देश दिया है कि वह दो हफ्तों में हिंदू विवाह पंजीकरण विधेयक को अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष पेश करे। पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के प्रमुख रमेश कुमार बंकवानी द्वारा मामले को मुख्य न्यायाधीश नसीरुल मुल्क की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के संज्ञान में लाए जाने के बाद यह निर्देश दिया गया। सर्वोच्च अदालत ने 19 जून को अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर जारी दिशानिर्देशों के तहत मामले की सुनवाई की। इस दौरान राष्ट्रीय डाटाबेस एवं पंजीकरण प्राधिकरण ने अदालत को बताया कि उसे सिंध प्रांत से विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। देश की अधिकतम हिंदू जनसंख्या इसी प्रांत में रहती है। इस पर अदालत ने अटॉर्नी जनरल सलमान बट को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मंत्रिमंडल में इससे संबद्ध विधेयक को मंजूरी मिले। अदालत के सामने पहले भी ऐसे कई मामले आ चुके हैं। इस संबंध में कानून न होने के कारण हिंदू दंपतियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।