अगर अस्पतालों में मरीज की भर्तियों तथा जागरूकता और निगरानी की मौजूदा उच्च दर को बरकरार रखा जाता है तो लाइबेरिया में इबोला महामारी का जून 2015 तक खात्मा हो सकता है। वैज्ञानिकों की ओर से विकसित किए गए नए मॉडल के अनुसार यह माना जा रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया और पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की ओर से विकसित इस मॉडल में कई कारकों को शामिल किया गया है। ये कारक हैं, संक्रमण की पहचान और इलाज, अस्पतालों की क्षमता का विकास और सुरक्षित दाह संस्कार की विधियां। यह मॉडल संभवत पहला है, जिसमें इन सभी तत्वों को शामिल किया गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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