पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने खैबर पख्तूनख्वा सरकार को एक क्षतिग्रस्त मंदिर का पुनर्निर्माण कराने के आदेश दिए हैं। इस मंदिर को साल 1997 में क्षतिग्रस्त कर एक धार्मिक नेता ने कब्जा जमा लिया था। पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के संरक्षक सांसद डॉ. रमेश कुमार वंकवानी ने हिंदू मंदिरों को लगातार पहुंचाए जा रहे नुकसान के मामले में अदालत से हस्तक्षेप करने के लिए कहा था। इन मामलों में श्री परमहंसजी महाराज की खैबर पख्तूनख्वा के कराक जिले के टेरी गांव स्थित समाधि पर एक धार्मिक नेता द्वारा कब्जा कर लिया जाना भी शामिल है। वंकवानी ने कहा कि प्रांतीय प्रमुख सचिव, पुलिस महानिरीक्षक और स्थानीय आयुक्त ने उन्हें बताया कि जिस नामी हिंदू व्यक्ति के नाम पर यह मंदिर बनाया गया था, उसने इस्लाम कबूल लिया था। डॉन न्यूज की खबर के अनुसार अतिरिक्त महाधिवक्ता वकार अहमद ने प्रमुख न्यायाधीश नासिर उल मुल्क की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की पीठ को बताया कि इस मामले को शांति से निपटाने की कोशिश की जा रही है। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को प्रांतीय सरकार को आदेश दिया कि वह कराक मंदिर का पुनर्निर्माण और संरक्षण करे।
Author: JAN TV Editorial Team
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