विदेश सचिव एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार से शुरू हो रही बंगलादेश की दो दिवसीय यात्रा मील का पत्थर साबित होगी क्योंकि भूमि सीमा समझौते के मूर्त रूप लेने के बाद दोनों देशों के बीच सीमा संबंधी कोई विवाद नहीं रह जाएगा। जयशंकर ने यहां मोदी की यात्रा के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संवाददाताओं से कहा कि भूमि सीमा समझौते के क्रियान्वयन से दोनों देशों को फायदा होगा। इससे सीमा पर घुसपैठ और मानव तस्करी पर अंकुश लगेगा, जाली नोटों का प्रवाह रुकेगा और सुरक्षा की स्थिति में सुधार आएगा। इसके अलावा और भी कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। विदेश सचिव ने कहा, सामान्यतय मैं विशेषणों का इस्तेमाल नहीं करता हूं लेकिन मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह एक ऐतिहासिक यात्रा होगी। उन्होंने कहा कि बंगलादेश पड़ोसी होने के नाते ही भारत के लिए अहम नहीं है बल्कि उसकी श्एक्ट ईस्ट नीतिश् का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी बंगलादेश की खास भूमिका है। भूमि सीमा समझौते के मूर्त रूप लेने के बाद दोनों देशों के बीच सीमा संबंधी कोई विवाद नहीं रह जाएगा। दोनों देशों के समुद्री सीमा का मुद्दा पहले ही सुलझाया जा चुका है।
Author: JAN TV Editorial Team
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