कैनेडी भारत को देने वाले थे 50 करोड़ की सहायता!
(International)
1962 के युद्ध के बाद भारत पर चीन के हमले की आशंका से चिंतित जॉन एफ कैनेडी प्रशासन ने भारत को 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सैन्य सहायता की योजना बनाई थी, जिसमें हथियार उत्पादन बढ़ाने में मदद के अलावा छह पर्वतीय इकाइयां बनाने जैसे प्रावधान शामिल थे। एक नई किताब में यह खुलासा किया गया है। कैनेडी की हत्या के कारण यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। इसमें एक अन्य कार्यक्रम के तहत 12 करोड़ डालर की सहायता भी शामिल थी, जो अमेरिका और ब्रिटेन आधी आधी देने वाले थे। किताब में उस दौर में भारत और अमेरिका के संबंधों में जबर्दस्त सुधार आने का दावा करते हुए कहा गया है कि यह करार न होने के कारण दोनो देशों ने संबंधों को बेहतर बनाने का एक अवसर गंवा दिया। किताब के अनुसार तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में भारत सरकार 1.3 अरब डॉलर का सहायता पैकेज मांग रही थी। नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच गहन विचार-विमर्श के बाद दोनों देश 50 करोड़ डॉलर के सैन्य सहायता पैकेज पर राजी हुए। सीआईए के पूर्व अधिकारी ब्रूस रिडेल ने अपनी नयी किताब में यह बात कही है। जेएफकेज फोरगॉटन क्राइसेसरू तिब्बत, द सीआईए एंड द साइनो इंडियन वॉर शीर्षक की यह किताब नवंबर में उपलब्ध होगी। इसमें कहा गया है कि भारत को दिए जाने वाले इस भारी सैन्य सहायता पैकेज के बारे में अंतिम फैसला 26 नवंबर 1963 को कैनेडी के साथ व्हाइट हाउस में होने वाली एक बैठक में लिया जाना था, लेकिन इससे कई दिन पहले ही डलास में कैनेडी की हत्या कर दी गई। किताब के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा कार्य परिपत्र सं 209 में भारत को जेएफके द्वारा 10 दिसंबर 1962 को सैन्य सहायता योजना को मंजूरी दी गई थी।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।