चीन ने पाकिस्तान समर्थक अपने रूख पर कायम करते हुए अब कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख और पठानकोट आतंकवादी हमले के सरगना मसूद अजहर का मामला उसे आतंकवादी घोषित करने की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की शर्तों को पूरा नहीं करता। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थाई प्रतिनिधि लियु जिएयी ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से कहा कि काली सूची में डालने के लिए सूचीबद्ध (करने की किसी प्रक्रिया) को शर्तों को पूरा करना होगा। जिएयी ने यह बात तब कही जब उनसे संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति में अजहर का मामला तकनीकी स्थगन पर रखने के चीन के फैसले पर पूछा गया। उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित करना परिषद के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है कि इन शर्तों पर अमल कया गया है। बहरहाल, चीनी राजनयिक ने इस पर तफ्सील से कुछ नहीं कहा। जिएयी की यह टिप्पणी उस दिन आई जिस दिन 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों में शामिल चीन ने अप्रैल माह के लिए परिषद की चक्रीय अध्यक्षता संभाली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में जैश प्रमुख पर प्रतिबंध लगवाने की अपनी कोशिश में चीन की ओर से अड़ंगा लगाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया की है और कहा है कि प्रतिबंध समिति आतंकवाद से निबटने में चुनिंदा रूख अपना रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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