आतंकवाद से निपटने में भारत का साथ देगा अमेरिका
(International)
अमेरिका के दौरे पर पेंटागन पहुंचे रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने दावा किया है कि अमेरिका ने भारत के पड़ोस से जारी आतंकवादी गतिविधियों से निपटने में उसका पूरा साथ देने का वादा किया है। भारत और अमेरिका ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किये। बता दें कि इससे दोनों देश रक्षा क्षेत्र में साजो-सामान संबंधी निकट साझेदार बन जाएंगे। इस समझौते के बाद दोनों देशों की सेनाएं मरम्मत एवं आपूर्ति के के लिए एक दूसरे की रिसोर्सेज और सैनिक अड्डों का इस्तेमाल कर सकेंगी। साजो-सामान संबंधी आदान-प्रदान समक्षौते (लेमोआ) पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने कहा कि यह समझौता व्यवहारिक संपर्क और आदान-प्रदान के लिए अवसर प्रदान करेगा। यह समझौता दोनों देशों की सेना के बीच साजो-सामान संबंधी सहयोग, आपूर्ति एवं सेवा की व्यवस्था प्रदान करेगा। समझौते पर हस्ताक्षर के बाद जारी साझा बयान में कहा गया कि यह व्यवस्था रक्षा प्रौद्योगिकी एवं व्यापार सहयोग में नवोन्मेष और अत्याधुनिक अवसर प्रदान करेगा। अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा व्यापार और प्रौद्योगिकी को साझा करने को निकटम साझेदारों के स्तर तक विस्तार देने पर सहमति जताई है। बयान में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध उनके साक्षा मूल्यों एवं हितों पर आधारित है। कार्टर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में पर्रिकर ने संवाददाताओं से कहा, भारत में किसी भी सैन्य अडडे को स्थापित करने या इस तरह की किसी गतिविधि का कोई प्रावधान नहीं है। एलईएमओए भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच प्रतिपूर्ति के आधार पर साजो-सामान संबंधी सहयोग, आपूर्ति और सेवाओं का प्रावधान करता है। यह इनके संचालन की रूपरेखा उपलब्ध कराता है। इसमें भोजन, पानी, घर, परिवहन, पेट्रोल, तेल, कपड़े, चिकित्सीय सेवाएं, कलपुर्जे, मरम्मत एवं रखरखाव की सेवाएं, प्रशिक्षण सेवाएं और अन्य साजो-सामान संबंधी वस्तुएं एवं सेवाएं शामिल हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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