ब्रिक्स घोषणा पत्र में सीमा पार आतंकवाद के जिक्र पर सर्वसम्मति हासिल करने में भारत के नाकाम रहने को लेकर आलोचना के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद का विरोध किया। इस सम्मेलन के दो दिन बाद सुषमा ने कहा कि ‘देश द्वारा प्रायोजित’ या ‘देश द्वारा संरक्षित’ आतंकवाद से बड़ी वैश्विक चुनौती और कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी नेटवर्कों को समर्थन देने वालों को इसका परिणाम भुगतने के लिए मजबूर करना होगा। सुषमा ने पाकिस्तान का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवादियों को प्रायोजित करने वाले, उनका समर्थन करने वाले, उन्हें पनाह देने वाले और ‘अच्छे एवं बुरे आतंकवाद’ के बीच ‘मिथ्या अंतर’ करने वालों को इसकी कीमत चुकाने के लिए मजबूर करने की आवश्यकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।