संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच सुलह की कोशिश करते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत के साथ स्थाई शत्रुता के साथ नहीं रहना चाहता है। उसने कहा कि दोनों पड़ोसियों के लिए समय आ गया है कि वे इस बात पर फैसला करें कि वे यथास्थिति के साथ रहना चाहते हैं या नई शुरूआत करना चाहते हैं। निर्बाध और निरंतर द्विपक्षीय संबंध का आह्वान करते हुए पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने गुरुवार को कहा कि दोनों देशों को अपने मतभेदों को दूर करना चाहिए ताकि सहयोगपूर्ण संबंधों के अचल राह पर बढ़ सकें। भारत के साथ व्यापक वार्ता के लिए पाकिस्तान के तैयार होने की बात करते हुए बासित ने हालांकि कहा कि भारत की तरफ से संवाद की इच्छा नदारद है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के पास धैर्य है और वह वार्ता बहाल करने के लिए इंतजार करने को तैयार है। बासित ने कहा, मेरा मानना है कि हमने अपने अस्तित्व के 70 साल बर्बाद किए हैं। समय आ गया है कि हम अपना मन बना लें कि हम क्या करना चाहते हैं। क्या हम यथास्थिति को बरकरार रखना चाहेंगे या हम अपने संबंधों में नई शुरूआत करना चाहते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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