चीन खुद वैसे और दूसरे देशो की टेक्नोलॉजी और रिसर्च पर ही अपना काम कर लेत। तथाकथित है के चीन की खुद की रिसर्च लैब्स नहीं होती वह दूसरी कंपनियों की टेक्नोलॉजी लेकर अपने काफी पसे बचा लेता और उन्हीं गैजेट्स को सस्ते में फिर बेचता है। अब ऐसे में चीन के इस तरह जिल्लाने और बेबुनियाद आरोप लगाने का कोई ट्रक नहीं पड़ता क्युकी चीन खुद इन देशो कंपनियों का हर साल करोड़ों का नुकसान करवाती हैं अपने रावये से ऐसे अब उसका नुक्सान भी उसे खुद ही उठाना पड़ेगा व इसका भी वह खुद ही जेम्वदार हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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