इमोश्नल ईटिंग:ज्यादा दुख, गुस्से या चिंता में कुछ भी खाने लगते हैं?
(India) भावनाओं से ही आपके खानपान में बदलाव होता है। सुख, दुख, गुस्सा, चिंता, डर, एंग्जाइटी, निराशा- ये सारी भावनाएं आपके खाने की आदतों को कंट्रोल करती हैं। ज्यादा खुश होने पर आप ज्यादा खा लेते हैं और ज्यादा दुखी होने पर आपको जंक फूड खाने का मन होता है। इसे ही इमोश्नल बिंज ईटिंग कहते हैं।
अधिकतर लोग इमोश्नल बिंज ईटिंग नकारात्मक भावनाएं महसूस होने पर करते हैं। जब आप दुखी या चिंतित होते हैं तो शरीर में कार्टिसोल नाम का हॉरमोन रिलीज होता है। इसे स्ट्रेस हॉरमोन भी कहा जाता है। दिमाग को ये पता चलता है कि आप चिंता में हैं, तो इस स्थिति पर काबू पाने के लिए वह आपको पसंदीदा खाना खाने या काम करने के लिए उकसाता है।

Author: JAN TV Editorial Team

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