गाजा में मानवाधिकारों की जांच के लिए आयोग गठित
(International)
संयुक्त राष्ट्र ने इस्राइल और फलस्तीनी संगठनों के बीच हालिया संघर्ष के दौरान गाजा पट्टी में मानवाधिकार के उल्लंघन और वॉर क्राइम के मामलों के इंडिपेंडेंट इन्वेस्टीगेशन के लिए तीन एक्सपर्ट्स के एक कमिशन का गठन किया है। यूएन ह्यूमन राइट काउंसिल ने लंदन में रहने वाली ब्रिटिश-लेबनानी ह्यूमन राइट लॉयर अमाल अलामुद्दीन, इंटरनैशनल क्रिमिनल लॉ के प्रोफेसर विलियम स्काबास और सेनेगल के दोउदोउ डाइनी को इस इंडिपेंडेंट इन्वेस्टीगेशन कमिशन का मेंबर बनाया गया है। ह्यूमन राइट काउंसिल ने जुलाई में हुई इमर्जेंट मीटिंग में गाजा में ह्यूमन राइट और वॉर क्राइम के मामलों की जांच का फैसला किया था। उस वक्त भारत समेत 29 देशों ने जांच संबंधी प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंग की थी, जबकि सिर्फ अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट दिया था। इस दौरान 17 देश वोटिंग के दौरान गैरहाजिर रहे थे। प्रस्ताव में अनुरोध किया गया है कि मार्च 2015 में होने वाले ह्यूमन राइट काउंसिल के सेशन में इस कमिशन की रिपोर्ट पेश की जाए। यह कमिशन फलस्तीनी क्षेत्र, खासकर गाजा पट्टी में ह्यूमन राइट लॉ के उल्लंघन की जांच करेगा। संयुक्त राष्ट्र की ओर से इस कमिशन में नॉमिनेट होने के बावजूद अमाल अलामुद्दीन ने एक बयान में कहा है कि वह इस नई भूमिका को स्वीकार नहीं कर रही हैं। वह हॉलिवुड के मशहूर अभिनेता जॉर्ज क्लूनी की मंगेतर हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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