(International)
इस्लामिक स्टेट के एक ब्रिटिश आतंकवादी के हाथों अमेरिकी पत्रकार जेम्स फॉली की हत्या का वीडियो पिछले हफ्ते सामने आने के बाद दुनिया भर में सनसनी फैल गई थी । इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस्लामिक स्टेट को ‘कैंसर’ करार दिया था । फॉरेंसिक विशेषज्ञों की राय है कि पत्रकार की हत्या करते हुए जिस ब्रिटिश आतंकवादी को दिखाया गया है वह असल हत्यारा नहीं है बल्कि उसे हत्यारे के तौर पर दिखाया गया । सुरक्षा सेवाओं ने उस आतंकवादी की पहचान कमोबेश कर ली है पर कार्रवाई इस डर से नहीं की जा रही है क्योंकि आतंकवादियों ने अब भी पश्चिमी देशों के 20 लोगों को बंधक बना रखा है । पूरे ब्रिटेन में पुलिस बलों के लिए काम करने वाली एक अंतरराष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस कंपनी ने चार मिनट 40 सेकंड की वीडियो क्लिप का अध्ययन किया था । कंपनी के अध्ययन के नतीजों ने इस बाबत कई सवाल पैदा कर दिए हैं कि वीडियो में दिखाई गई उत्तरी सीरिया की रेतीली जमीन पर आखिर हुआ क्या था । बहरहाल, कंपनी किसी निश्चित जवाब तक नहीं पहुंच सकी है ।
Author: JAN TV Editorial Team
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