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इसके साथ ही अमेरिका ने कहा कि वह इस समूह को निष्क्रिय करने के लिए प्रतिबद्ध है। व्हाइट हाउस में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की प्रवक्ता सी. हेडन ने कहा, ‘इस घोषणा को हम उस पूरे क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे अलकायदा की नई क्षमताओं के संकेत के रूप में नहीं देखते।’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘हमने भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा की नई शाखा से जुड़ी खबरें देखी हैं। अमेरिका अल-कायदा को निष्क्रिय करने के लिए प्रतिबद्ध है। वह यह सुनिश्चित के लिए प्रतिबद्ध है कि यह संगठन अमेरिकी जनता के लिए दोबारा खतरा न पैदा करे।’ उन्होंने कहा कि अल-कायदा के अस्थिरताकारी प्रभाव का सामना करने के लिए, उसे सुरक्षित पनाह हासिल करने से रोकने के लिए, हिंसक चरमपंथ से निपटने के लिए और स्थिति वापस सामान्य बनाने के लिए अमेरिका ने इस क्षेत्र में मजबूत आतंकवाद-रोधी साझेदारियां की हैं। वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद, अमेरिका और भारत के बीच आतंकवाद-रोधी मुद्दों पर सहयोग में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी जब इस माह के अंत में राष्ट्रपति बराक ओबामा से मिलने के लिए वाशिंगटन यात्रा पर जाएंगे, तब दोनों देशों के बीच चर्चाओं में यह एक अहम मुद्दा होगा। हेडन ने कहा, ‘हमने क्षेत्र में अल-कायदा को गंभीर चोट पहुंचाई है। हम अमेरिकी जनता को खतरा पैदा करने वाले इस समूह और उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ अपने प्रयास जारी रखेंगे।’ अल-कायदा के आधिकारिक मीडिया संगठन अस सहाब ने यू ट्यूब समेत कई सोशल मीडिया साइटों पर एक लंबे वीडियो को पोस्ट किया गया था। इसमें उसने ‘‘भारतीय उपमहाद्वीप में कायदात अल-जिहाद’ नामक समूह के गठन की घोषणा की थी। अलकायदा अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय है लेकिन समूह के नेता ऐमन अल जवाहिरी ने कहा था, ‘कायदात अल-जिहाद’ युद्ध को भारत, म्यांमा और बांग्लादेश ले जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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