सेंसर बोर्ड के कामकाज में कथित सरकारी दखलंदाजी के विरोध में शनिवार को संस्था के 12 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने सदस्यों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार बोर्ड के कामकाज से एक ‘हाथ की दूरी’ बनाकर चलती है और कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है। जेटली ने कहा कि न तो उन्होंने, न ही उनके कनिष्ठ मंत्री राज्यवर्धन राठौर और न ही किसी नौकरशाह ने सेंसर बोर्ड के किसी सदस्य के साथ कभी कोई संवाद किया और बोर्ड में यूपीए की ओर से नियुक्त निवर्तमान लोगों ने उनके समक्ष कभी भी भ्रष्टाचार का कोई मुद्दा नहीं उठाया। जेटली ने फेसबुक पर श्रेबेल्स विदाउट ए कौजश् शीषर्क से लेख मं। कहा, श्एनडीए सरकार फिल्मों के प्रमाणन से जुड़े सभी मुद्दों से एक हाथ की दूरी बनाकर रखती है।श्वित्तमंत्री का फेसबुक पर यह लेख सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष लीला सैमसन और कुछ अन्य सदस्यों द्वारा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत रामरहीम सिंह की फिल्म मैसेंजर ऑफ गॉडश् को मंजूरी देने पर इस्तीफा देने से जुड़े विषय से संबंधित है।
Author: JAN TV Editorial Team
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