राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद का कामकाज ठप होने की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। साथ ही अध्यादेश जारी होने पर भी उन्होंने मोदी सरकार को नसीहत दी और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मजबूरी में ही कोई अध्यादेश लाया जाना चाहिए। प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन से आईआईटी, एलआईटी और केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए संबोधित करते हुए ये बात कही। उन्होंने वीडिया कांफ्रेंसिंग के दौरान संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होने और अध्यादेश के जरिए कानून बनाने के बारे में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि कानून बनाना संसद और विधानसभाओं का विशेषाधिकार है। पर किसी कानून को पारित कराते समय विभिन्न समूहों के हितों को सुलझाते समय सर्वसम्मति बनानी चाहिए। जब संसद बिना विचार विमर्श किए कानून पारित कराती है तो वह न तो लोकतंत्र के लिए ठीक है और न ही उन नीतियों के लिए ही ठीक है। जो उस कानून में अन्तर्निहित हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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