एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला के खिलाफ लगाए गए खुदकुशी की कोशिश के आरोप को खारिज कर दिया है. इसके साथ ही उन्हें हिरासत से तुरंत रिहा करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. 42 साल की शर्मिला पिछले 14 साल से बेमियादी अनशन पर हैं. उनकी मांग रही है कि सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को हटाया जाए.खुदकुशी की कोशिश के आरोप में शर्मिला आईपीसी की धारा 309 के तहत हिरासत में रही हैं. न्यायिक मजिस्ट्रेट (इंफाल पश्चिम) विजडम केमोडांग ने कहा कि अभियोजन पक्ष इस बात का कोई सबूत देने में नाकाम रहा है कि वह खुदकुशी की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह आदेश भी दिया कि शर्मिला को मामले से आरोप-मुक्त किया जाता है. इंफाल पश्चिम के पुलिस अधीक्षक झलजीत ने बताया कि अदालत के आदेशों के मुताबिक उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया है.
Author: JAN TV Editorial Team
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