दिल्ली विधानसभा के लिए हुए अलग. अलग पार्टियों के चुनाव प्रचार पर 150 से 200 करोड़ रुपए तक खर्च का अनुमान है। साल 2013 में हुए विधानसभा चुनावों के प्रचार में हुए खर्च के मुकाबले इसे 30 से 40 फीसदी तक ज्यादा बताया जा रहा है। शायद ही इससे पहले दिल्ली में इससे महंगा प्रचार हुआ हो। जिस तरह से अखबारोंए टीवी चैनलों और एफएम रेडियो पर सभी दलों ने अपनी कैंपन चलाई। उससे साफ है कि कैंपेन में इस बार दो सौ करोड़ तक खर्च कर दिए गए। इसे लेकर वरिष्ठ चिंतन प्रताप सहगल ने कहा कि राजनीतिक दलों ने इन चुनावों को अपनी नाक का सवाल बना लिया था। उम्मीदवारों ने ज्यादा खर्च नहीं किया।लेकिन राजनीतिक दलों ने हाथ खोलकर पैसे खर्च किए। प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ रैलियों और घर घर पर्चे बांटनेए मोबाइल संदेश और थोक कॉल करने पर भी काफी खर्च हुआ है। अगर एसोचैम के दावे को माने तो उम्मीदवारों की बजाय राजनीतिक दलों ने आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर समाचार पत्रों और इलेक्ट्रानिक मीडिया में विज्ञापन देने में भारी खर्च किया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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