अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली का किला फतह कर लिया है। विपक्षियों ने केजरीवाल को जीत की बधाई देनी भी शुरू कर दी है। आम आदमी पार्टी की इस जीत के पीछे कई वजह हैं। अरविंद केजरीवाल का दिल्ली के आम लोगों की नब्ज को पकड़ना और भाजपा का 'आप' के खिलाफ नकारात्मक प्रचार करना भी इसमें अहम वजह रहीं। आइए आपको बताते हैं दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की सफलता की दस वजह। अरविंद केजरीवाल अभी तक आम आदमी की नब्ज पकड़ने में कामयाब रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान महिला सुरक्षा, बिजली, पानी, रोजगार आदि मुद्दों पर आम आदमी पार्टी टिकी रही। इससे दिल्ली का आम आदमी दिल से केजरीवाल के साथ जुड़ा दिखाई दिया। फिर केजरीवाल की शख्सियत कुछ ऐसी है कि आम इंसान उनसे बहुत जल्द जुड़ जाता है, इसका नतीजा दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजों में देखने को भी मिल रहा है।आम आदमी पार्टी का मुकाबला दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऐसी पार्टी से था, जिसने लोकसभा चुनाव में अन्य पार्टियों का लगभग सफाया कर दिया था। ऐसे में स्थानीय पार्टियां नरेंद्र मोदी की काट ढूंढ रही थीं। जब अन्य पार्टियों को लगा कि आम आदमी पार्टी नरेंद्र मोदी को कड़ी टक्कर दे सकती है, तो उन्होंने केजरीवाल को समर्थन देना शुरू कर दिया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस के विरोध के बावजूद आम आदमी पार्टी का समर्थन किया। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी खुलकर आम आदमी पार्टी का समर्थन किया। हालांकि इससे आम आदमी पार्टी के वोट शेयर में असर पड़ा होगा ऐसा जाना नहीं पड़ता, लेकिन इससे केरीवाल का हौसला काफी बढ़ गया।कांग्रेस की हालत दिल्ली विधानसभा चुनाव में शुरुआत से काफी पतली नजर आ रही थी। चुनाव प्रचार के दौरान भी कांग्रेस में वो दम दिखाई नहीं दिया। पार्टी के बड़े नेताओं ने खानापूर्ति के लिए प्रचार किया। ऐसे में कांग्रेस का वोटर एक विकल्प ढूंढता नजर आ रहा था, जो उसे आम आदमी पार्टी में नजर आया। भाजपा का भी मानना है कि कांग्रेस का वोट शेयर आम आदमी पार्टी के खाते में जाने से उनको भारी नुकसान हुआ।
Author: JAN TV Editorial Team
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