उत्तर प्रदेश पुलिस के 16 पुलिसकर्मियों को एक निचली अदालत ने शनिवार को बरी कर दिया है। इन पुलिस कर्मियों को कोर्ट ने यूपी के मेरठ शहर के हाशिमपुर नरसंहार मामले में बरी किया गया है। जिसमें तकरीबन 40 से ज्यादा मुस्लिमों की हत्या कर दी गई थी। कोर्ट ने इन पुलिस कर्मियों को सबूतों की कमी के आधार पर ये कहते हुए बरी किया कि उन्हें बेनिफिट ऑफ डाउट मिलना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने कहा कि आरोपियों की पहचान को लेकर भी कई संदेह थे।वहीं इस मामले से जुड़े 16 में से 14 पुलिसकर्मी कोर्ट में मौजूद थे और कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने राहत की सांस ली। वहीं अभियोजक का कहना है कि वो कोर्ट के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चैलेंज करेंगे। कोर्ट के इस फैसले पर पीडितों के परिजनों का कहना है कि वे इस फैसले से खासे निराश हैं और अपील फाइल करेंगे।गौरतलब है कि 1987 में हुए इस नरसंहार में 19 पीएसी के जवानों पर केस चल रहा था। जिनमें से तीन की पहले ही मौत हो चुकी है और सभी आरोपी वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। मेरठ में हुई हिंसा के दौरान ही कई लोगों की जाने गई थी। जहां हाशिमपुर मोहल्ले से सर्च ऑपरेशन के दौरान पीएसी ने पीडितों को उठाया था। गौरतलब है कि जुलाई 2006 में कोर्ट ने मर्डर, हत्या का प्रयास, सबूूतों के साथ छेड़छाड़ और आरोपियों के खिलाफ साजिश रचने के आरोप तय किए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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