बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से पांच साल पहले बरी किए गए लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी समेत 20 नेताओं व केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैजाबाद के निवासी हाजी महबूब अहमद की तरफ से दायर की गई विशेष याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। सीबीआई समेत सभी पक्षों को जवाब देने के लिए चार हफ्ते की मोहलत दी गई है। बाबरी मस्जिद ढहाए जाने से जुड़े 22 साल पुराने केस में इलाहाबाद हाई कोर्ट के पांच साल पुराने उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें बीजेपी और संघ परिवार के सीनियर नेताओं को बाबरी मस्जिद तोड़ने की साजिश में शामिल होने के आरोप से बरी कर दिया गया था। इस मामले के आरोपियों में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के अलावा कल्याण सिंह, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, विनय कटियार और अशोक सिंघल शामिल हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।