यूपी में बेमौसम बारिश से फसलें तबाह होने के बाद किसान भले ही खुदकुशी करने पर मजबूर हों लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। फैजाबाद जिले में किसानों को मुआवजे के नाम पर 75, 100 और 150 रुपए के चेक जारी किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कुछ चेक तो ऐसे किसानों के नाम जारी हुए हैं जिनकी मौत हो चुकी है। फर्जीवाड़े के हाल यह है कि कब्रिस्तान की जमीन पर भी मुआवजे के चेक जारी कर दिए गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पूरे मामले की जांच और आरोपी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फैजाबाद का मामला मीडिया में आने के बाद प्रदेश सरकार ने यहां के लेखपाल को बर्खास्त कर दिया है। वाजिदपुर गांव के किसान कमलेश का कहना है कि मुआवजे के लिए उन्हें केवल 75 रुपए का चेक मिला है। इसी गांव के रामराज को 200 रुपए का चेक मिला है। जियाउद्दीन को 18 बीघा फसल बर्बाद होने के बाद भी कोई मुआवजा नहीं मिला।हैरानी की बात यह है कि प्रशासन ने इस गांव में आठ ऐसे लोगों के नाम चेक जारी कर दिए हैं, जिनकी मौत कई साल पहले हो गई थी। ऐसे आठ लोगों के नाम 100-100 रुपए के चेक जारी हुए हैं। कब्रिस्तान की जमीन के मालिक शमशुद्दीन का कहना है कि उनके पुश्तैनी कब्रिस्तान की जमीन को खेती योग्य जमीन दिखाकर आठ लोगों का चेक बना दिया है, जबकि जो खेत बोया जाता है, उसका चेक नहीं बना है।
Author: JAN TV Editorial Team
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