संसद की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। संसद की सुरक्षा को लेकर गठित एडहॉक कमिटी की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है और यह रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को सौंप दी गई। इसके बाद इसे गृह मंत्रालय को जांच के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है।पूर्व गृह सचिव आरके सिंह की अध्यक्षता में गठित कमिटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद की सुरक्षा व्यवस्था में कई कमियां है। संसद परिसर में लगे हुए 100 सीसीटीवी कैमरे खराब हैं और सभी 12 गेटों पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था भी लचर है। सुरक्षा के लिए तैनात सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस के जवान प्रशिक्षित नहीं है। आतंकवाद प्रभावित देश में सुरक्षा के लिए फेस डिटेक्टिंग और अन्य आधुनिक उपकरण होने चाहिए। जवानों के पास न तो बुलेट प्रूफ हेलमेट, जैकेट, नए उपकरण और आधुनिक हथियार नहीं है।रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ी बात है कि जो भी उपकरण संसद परिसर में लगाए गए हैं वे पुराने हो चुके हैं। बहुत ज्यादा इस्तेमाल की वजह से संसद का इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम कमजोर हुआ है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि हालात से ही रहे तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं। कमेटी में आरके सिंह के अलावा भाजपा सांसद और पूर्व डीजीपी सत्यपाल सिंह और हरीश मीणा शामिल हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।