और नए मोटर व्हीकल एक्ट का विरोध इसमे जोड़े गए प्रावधानों को लेकर है। नया मोटर व्हीकल एक्ट अगर लागू होता है यातायात नियमों का उल्लंघन भारी पड़ जाएगा। रोड़वेज कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार वर्तमान मोटर व्हीकल एक्ट 1988 को बदलकर नया रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल लागू करना चाहती है, जिससे रोडवेज का निजीकरण का रास्ता साफ हो जाएगा। बिल में ऐसा प्रावधान है जिससे आने वाले समय में परिवहन विभाग में रोजगार के अवसर ही खत्म हो जाएंगे। इससे प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में बेरोजगारी फैलेगी। बिल का असर परिवहन साधनों से जुड़े हर तबके पर पड़ेगा चाहे और सरकारी हो या निजी परिवहन संसाधनों से जुड़े लोग। साथ ही इस बिल में राष्ट्रीय परिवहन प्राधिकरण एवं राज्य परिवहन प्राधिकरण, मार्गों का टेंडर के जरिए नीलामी, बसों में चालक नहीं होने , बच्चे की मौत पर चालक पर 3 लाख रुपए 7 साल की जेल, अन्य की मौत पर 1 लाख 4 वर्ष की जेल, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर 5 हजार पहले अपराध के लिए, 10 हजार दूसरे, 15 हजार तीसरे और एक महीने का लाइसेंस निलंबन जैसे नियम शामिल है । इसके साथ ही नशे में वाहन चलाने पर 15 हजार रुपए 6 महीने का लाइसेंस निलंबित, 6 से 12 माह तक जेल और तय गति से अधिक चलाने पर 5 से 50 हजार रुपए जुर्माना का विरोध किया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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