कॉलेजियम की तरह ही स्वतंत्र और निष्पक्ष हो एनजेएसी कानून
(India)
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलेजियम व्यवस्था के स्थान पर राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग से न्यायपालिका की स्वतंत्रता का भरोसा मांगा है। एनजेएसी के गठन की वैधता को लेकर मंगलवार को सुनवाई के दौरान संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश जेएस केहर ने कहा कि सवाल न्यायिक नियुक्तियों में मुख्य न्यायाधीश की सर्वोच्चता का नहीं है। न ही यहां कॉलेजियम व्यवस्था देने वाले नौ न्यायाधीशों के 1993 के फैसले पर विचार का मुद्दा है। अटार्नी जनरल रोहतगी की बहस आज भी जारी रहेगी।संविधान पीठ अध्यक्ष न्यायाधीश जेएस केहर ने कहाकि सरकार को यह साबित करना है कि क्या एनजेएसी कानून कॉलेजियम की तरह ही स्वतंत्र और निष्पक्ष है। सरकार कोर्ट को संतुष्ट करे कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता कैसे कायम रहेगी। सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि न्यायाधीशों की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश की सर्वोच्चता नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 124 में नियुक्तियों के संबंध में मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करने की बात कही गई है न कि सहमति की।

Author: JAN TV Editorial Team

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