मणिपुर के चंदेल जिले में सेना के एक गश्ती दल पर घात लगाकर किये गये उग्रवादियों के एक समूह के हमले में 18 सैन्यकर्मियों की मौत हो गयी जबकि 10 अन्य घायल हो गये. सेना के काफिले पर हुए हमले की जिम्मेदारी उल्फा और एनएससीएन समेत नॉर्थ ईस्ट के चार आतंकी संगठनों ने ली है. हमले की जिम्मेदारी लेने वाले बाकी दो संगठन हैं कामतापुर लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड हैं. आतंकी हमले के बाद मणिपुर से सटे बर्मा बॉर्डर को सील करने का आदेश दे दिया गया है. हमले की जांच एनआईए करेगी. हमले के बाद गृह मंत्रालय में बैठक हुई जिसमें आतंकवादियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन शुरू करने का फैसला किया गया. आतंकी हमले को लेकर गृह मंत्रालय में सुबह भी एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है. पीएम मोदी ने सैनिकों पर हमले की निंदा की. पीएम मोदी ने कहा मणिपुर में आतंकी हमला बहुत ही चिंताजनक है. राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने भी हमले की निंदा करते हुए ट्विटर पर लिखा है, मणिपुर में सेना के जवानों पर हुए हमले की निंदा करता हूं. साथ ही उन्होंन शहीदों को श्रद्धांजलि दी। एक पुलिस अधिकारी ने इंफाल में बताया कि छह डोगरा रेजीमेंट का एक दल यहां से लगभग 80 किलोमीटर दूर तेंगनोपाल-न्यू समतल रोड पर नियमित रूप से गश्त पर था. उसी समय एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से एक अज्ञात उग्रवादी संगठन ने घात लगाकर उस पर हमला किया. अधिकारी ने बताया कि जख्मी जवानों को इलाज के लिए सेना द्वारा विमान से ले जाया गया है. उन्होंने बताया कि उग्रवादियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों की कुमुक घटनास्थल के लिए रवाना हो गयी है.
Author: JAN TV Editorial Team
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