फर्जी दस्तावेज मामले में फंसे दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर मंगलवार से शुरू हो रहे दिल्ली विधानसभा सत्र में भाग नहीं ले सकेंगे। राजधानी की एक निचली अदालत ने तोमर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने तोमर की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता एक जन प्रतिनिधि हैं और उनपर लगे आरोप गंभीर हैं, ऐसी परिस्थितियों में उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। तोमर के वकील ने अपने मुवक्किल को जमानत पर रिहा करने का अदालत से आग्रह करते हुए दलील दी कि पूरा मामला दस्तावेज पर आधारित है, ऐसे में पूर्व कानून मंत्री किसी तरह से जांच प्रभावित नहीं कर सकते। वह जेल से बाहर रहकर जांच में ज्यादा सहयोग कर सकते हैं, उन पर लगे आरोप सही नहीं हैं और उन्हें विधानसभा के सत्र में जाना जरूरी है। हालांकि अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने अपने फायदे के लिए फर्जी डिग्रयिां और अंक पत्र हासिल किए हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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