सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बलात्कार के मामलों में आरोपी और पीड़ित पक्ष के बीच कोई समझौता नहीं हो सकता. अदालत ने साफ किया है कि बलात्कार के मामले में लगने वाली आईपीसी की धारा 376 नॉन कम्पाउंडेबल है यानी उसमें दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं हो सकता. मामला मध्य प्रदेश के गुना जिले का है. 7 साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में निचली अदालत ने मदनलाल नाम के शख्स को 7 साल की सजा दी. लेकिन हाई कोर्ट ने पुलिस की तरफ से पेश सबूतों के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि ये कि मामला बलात्कार का नहीं लगता. ऐसे में हाईकोर्ट ने इसे आईपीसी की धारा 376 (2)()ि यानी 12 साल से कम उम्र की बच्ची से बलात्कार की बजाय आईपीसी की धारा 354 यानी महिला की गरिमा को चोट पहुँचाने के लिए बल के प्रयोग का मामला माना.
Author: JAN TV Editorial Team
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